UP Police Promotion 2025: अंतरराष्ट्रीय पहलवान से ASP बने अनुज चौधरी, संभल हिंसा में भी दिखा था जज़्बा
उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़े स्तर पर पदोन्नति की घोषणा हुई है। राज्यभर के 21 डिप्टी एसपी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर प्रमोशन मिला है। इस सूची में सबसे चर्चित नाम है संभल के सीओ अनुज चौधरी का, जो पुलिस सेवा के साथ-साथ कुश्ती के अखाड़े में भी देश का नाम रोशन कर चुके हैं।
डीपीसी मीटिंग में हुई पदोन्नति की मुहर
रविवार को हुई डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) बैठक में 21 अधिकारियों के नाम को मंजूरी दी गई। इन पदोन्नत अधिकारियों में शामिल हैं –
अनुज चौधरी, विजय प्रताप यादव, शीतांशु कुमार, अभिषेक यादव, अभिषेक कुमार सिंह, अमित कुमार राय, श्याम कांत, आनंद कुमार पांडेय, पूनम मिश्रा, प्रभात कुमार, संजीव कुमार दीक्षित, बृज नंदन राय, डॉ. जंग बहादुर यादव, कृष्ण गोपाल सिंह, दिनेश कुमार शुक्ल, संतोष कुमार (प्रथम), प्रीति सिंह, राज कुमार पांडेय, संतोष कुमार (द्वितीय), बाबा साहब वीर कुमार और सोहराब आलम।
इन सभी अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश जल्द जारी होंगे।
संभल हिंसा में साहसिक भूमिका
अनुज चौधरी संभल हिंसा के दौरान सुर्खियों में आए थे, जब कानून-व्यवस्था संभालते हुए उनके पैर में गोली लगी थी। उस समय उनका एक बयान –
“होली साल में एक बार आती है, जुमा 52 बार” – विवाद का कारण बना। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका समर्थन करते हुए कहा था, “पहलवान है, पहलवान की तरह ही बोलेगा।”
अखाड़े से लेकर पुलिस यूनिफॉर्म तक का सफर
मूल रूप से मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के निवासी अनुज चौधरी ने 1997 से 2010 तक लगातार राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और कई पदक जीते।
उनकी उपलब्धियां –
2002 और 2010 के नेशनल गेम्स – रजत पदक
2005 और 2009 एशियाई खेल – पदक विजेता
2010 राष्ट्रमंडल खेल – रजत पदक
2004 एथेंस ओलंपिक – भारत का प्रतिनिधित्व
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अनुज चौधरी और अन्य पदोन्नत अधिकारियों के नई जिम्मेदारियों पर आने से पुलिस बल को अनुभवी और जुझारू नेतृत्व मिलने की उम्मीद है। यह प्रमोशन न केवल अधिकारियों के करियर का अहम पड़ाव है बल्कि पुलिस प्रशासन की
कार्यकुशलता को भी मजबूती देगा।

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