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| "पहाड़ों के बीच बसे गाँव में बादल फटने से बाढ़ का दृश्य" |
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को तेज बारिश और बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस प्राकृतिक आपदा में हर्षिल स्थित भारतीय सेना का एक कैंप प्रभावित हुआ, और करीब 9 सैनिकों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे की जानकारी
करीब 1:45 बजे मंगलवार को धराली इलाके में बादल फटने की घटना हुई, जिससे अचानक पानी और मलबा तेजी से बहने लगा। यह क्षेत्र हर्षिल आर्मी कैंप से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित है तेज बारिश और बाढ़ ने सेना के कैंप और आसपास के इलाकों को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
सेना के मुताबिक,
"भारी नुकसान और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य जारी है। लापता सैनिकों की तलाश लगातार चल रही है, और अतिरिक्त जवानों को भी मौके पर भेजा जा रहा है।"
बचाव अभियान
घटना के तुरंत बाद सेना ने 150 से अधिक जवानों को राहत कार्य में लगाया। SDRF और NDRF की टीमें भी सक्रिय हैं। फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है, हालांकि लगातार बारिश राहत कार्य में बाधा डाल रही है।
नुकसान और प्रशासनिक स्थिति
राज्य के मुख्य सचिव आर. के. सुधांशु ने बताया कि 40 से अधिक इमारतों को नुकसान हुआ है। खराब मौसम के चलते हेलिकॉप्टरों का उपयोग फिलहाल संभव नहीं हो पाया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,
"धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना अत्यंत दुखद है। सभी बचाव एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटी हैं।"
प्राकृतिक आपदाओं का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र जलवायु परिवर्तन के कारण अधिक संवेदनशील होता जा रहा है। यहां बादल फटना, अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाएं लगातार बढ़ रही हैं।

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